भा रत सरकार हर कुछ सालों में अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे में सुधार के लिए एक नया “Central Pay Commission” यानी वेतन आयोग बनाती है। अब चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा है 8th Central Pay Commission यानी आठवां वेतन आयोग। हर सरकारी कर्मचारी के मन में यही सवाल है कि आखिर 8th Pay Commission कब लागू होगा, कितनी बढ़ेगी सैलरी, और क्या सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। चलिए इस पूरे विषय को विस्तार से समझते हैं।
8th Central Pay Commission क्या है
8th Central Pay Commission (8वां वेतन आयोग) भारत सरकार का एक उच्च स्तरीय आयोग होता है जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन स्ट्रक्चर की समीक्षा करता है। इसका मुख्य उद्देश्य महंगाई, जीवन स्तर और अर्थव्यवस्था के हिसाब से वेतन में संशोधन करना होता है ताकि सरकारी कर्मचारियों को उचित वेतन और लाभ मिल सकें।
7th Central Pay Commission (सातवां वेतन आयोग) 2016 में लागू हुआ था, जिसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुई थीं। उसी आधार पर अब उम्मीद जताई जा रही है कि 8th CPC की घोषणा भी जल्द हो सकती है ताकि 2026 से नया वेतन ढांचा लागू किया जा सके
8th Pay Commission की घोषणा हुई क्या?
अभी तक भारत सरकार की तरफ से 8th Central Pay Commission Notification की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन वित्त मंत्रालय और केंद्रीय कार्मिक विभाग (DoPT) से जुड़ी खबरों के अनुसार, सरकार ने इस पर प्रारंभिक विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार 2025 के अंत तक इस पर औपचारिक घोषणा कर सकती है ताकि अगले वित्त वर्ष यानी 2026-27 से नया वेतन आयोग लागू किया जा सके।
हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि सरकार “Automatic Pay Revision System” जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिससे हर साल या दो साल में कर्मचारियों की सैलरी अपने आप बढ़ती रहे बिना किसी नए वेतन आयोग के गठन के।
8th Central Pay Commission कब लागू होगा
अगर हम पिछले वेतन आयोगों के पैटर्न को देखें तो हर 10 साल बाद नया आयोग लागू किया गया है। 6th Pay Commission 2006 में और 7th Pay Commission 2016 में लागू हुआ था। उसी हिसाब से 8th Pay Commission लागू होने का संभावित समय 1 जनवरी 2026 माना जा रहा है।
सरकार द्वारा आयोग का गठन सामान्यतः दो किया जाता है ताकि सिफारिशें समय पर पूरी हो सकें। इसका मतलब है कि आयोग का गठन 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत में हो सकता है।
8th Pay Commission में सैलरी कितनी बढ़ेगी
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8th Pay Commission salary hike कितना होगा। 7th CPC में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, यानी पुराने बेसिक पे को 2.57 से गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय हुई थी। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि 8th CPC में फिटमेंट फैक्टर 3.68 तक जा सकता है।
अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग 30% से 35% तक की बढ़ोतरी संभव है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी ₹30,000 है, तो 8th Pay Commission लागू होने पर यह ₹39,000 से ₹41,000 के बीच हो सकती है।
इसके अलावा Dearness Allowance (DA), House Rent Allowance (HRA), और Travel Allowance (TA) में भी नए स्लैब लागू किए जा सकते हैं, जिससे कुल इन-हैंड सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी।
क्या पेंशनधारकों को भी फायदा होगा
हाँ, 8th Central Pay Commission लागू होने के बाद pensioners यानी पेंशनभोगियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। पेंशन की गणना भी बेसिक पे के आधार पर की जाती है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर बढ़ने के साथ पेंशन अमाउंट भी बढ़ जाएगा।
7th CPC में पेंशन को “Modified Parity” के आधार पर तय किया गया था, और उम्मीद है कि 8th CPC में “Full Parity System” लागू किया जा सकता है ताकि पुराने और नए पेंशनधारकों के बीच का अंतर कम हो सके।
8th Pay Commission के लिए कर्मचारियों की मांग
देशभर के केंद्रीय कर्मचारी संघ जैसे कि Confederation of Central Government Employees and Workers (CCGEW) और National Council (JCM) लगातार सरकार से 8th CPC के गठन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर जीवन-यापन की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा।
कई जगहों पर कर्मचारियों ने यह भी कहा है कि अगर सरकार Automatic Revision System लागू करना चाहती है, तो उसे पारदर्शी और फिक्स टाइम फ्रेम में लागू किया जाए, ताकि हर कर्मचारी को नियमित अंतराल पर सैलरी वृद्धि का लाभ मिल सके।
8th CPC में क्या नई सुविधाएं जुड़ सकती हैं
अभी तक कोई आधिकारिक सिफारिश नहीं आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले 8th Pay Commission में कई आधुनिक सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। जैसे – डिजिटल वर्किंग अलाउंस, रिमोट वर्किंग बेनिफिट, और हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी नई पॉलिसीज़।
साथ ही, ग्रेड पे सिस्टम में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं ताकि Pay Matrix और Level System और आसान और पारदर्शी बने। इससे कर्मचारियों को प्रमोशन और पे लेवल समझने में आसानी होगी
Disclaimer:
इस ब्लॉग में दी गई जानकारी सरकारी वेबसाइट्स, समाचार रिपोर्ट्स और इंटरनेट स्रोतों से एकत्र की गई है। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना है। कृपया किसी भी वित्तीय या रोजगार संबंधी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।