PM Kisan 21st Installment Release: 21वीं किस्त हुई जारी, किसानों के खाते में आज से पहुंच रहे ₹2000

भारत की कृषि-भूमि में जुटे मेहनती किसान भाइयों बहनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ‎Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana (PM Kisan) के तहत 21वीं किस्त (21st Installment) जारी होने जा रही है और इस बार किसानों के खाते में ₹2,000 सीधे ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि यह किस्त किसे मिलेगी, कब मिलेगी, कैसे चेक करें स्थिति, किन कारणों से राशि नहीं मिल सकती और क्या कदम उठाने होंगे ताकि आप इस राशि का लाभ समय-से ले सकें।

PM Kisan योजना क्या है?

पहले यह जानना जरूरी है कि PM Kisan योजना क्या है। यह केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आय सहायता योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों (small and marginal farmers) को सीधे बैंक खाते में आर्थिक मदद देना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों की पारिवारिक इकाई (farmers’ family) को सालाना ₹6,000 दिए जाते हैं, जिसे तीन बराबर किस्तों में यानी प्रत्येक किस्त ₹2,000 के रूप में चार-चार महीने के अंतराल में दिया जाता है।

यह मदद किसानों को फसल की कटाई, बीज-उर्वरक, सिंचाई आदि खर्चों के लिए सहारा देती है, ताकि खेती-बाड़ी में आर्थिक बोझ थोड़ा कम हो सके और किसान आत्मनिर्भर बने।

21वीं किस्त (21st Installment) कब आएगी और क्या अपडेट है?

अब बात आती है 21वीं किस्त की (21st Installment)- इसे लेकर कई रिपोर्ट्स आ चुकी हैं। आधिकारिक रूप से सरकार ने पुरा दिनांक अभी घोषित नहीं किया है, लेकिन कई मीडिया स्रोत बताते हैं कि इसे अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के पहले सप्ताह 2025 में जारी किया जा सकता है।

कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस किस्त को कुछ राज्यों में पहले ही जारी किया जा चुका है, विशेष रूप से उन राज्यों में जहाँ प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसान हैं। उदाहरण के लिए, Jammu & Kashmir में बाढ़-भू-स्वरूप घटनाओं के बाद 8.55 लाख से अधिक किसानों को इस किस्त के तहत राशि ट्रांसफर की गई है।

हालाँकि, अन्य राज्यों में उन किसानों को राशि अभी तक नहीं मिली है, जिनकी e-KYC, आधार-खाता लिंकिंग या भूमि रिकॉर्ड अपडेटिंग पूरी नहीं हुई है।

योग्यता (Eligibility) – किसे मिलेगा और किसे नहीं?

21वीं किस्त प्राप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण योग्यता तथा शर्तें हैं जिन्हें किसान भाइयों को ध्यान देना होगा। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • किसान को राज्य या केंद्र सरकार के लॉन्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज होना चाहिए, अर्थात भूमि-धारक (land holder) होना आवश्यक है।

  • किसान परिवार में पति-पत्नी व छोटे बच्चे शामिल हैं; परिवार इकाई के आधार पर लाभ मिलता है।

  • e-KYC प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और बैंक खाता जो वृद्धिक्रम से आधार से जुड़ा होना चाहिए (Aadhaar-seeding)। अगर e-KYC अधूरी हो, तो भुगतान अटकेगा।

  • फरवरी-1-2019 के बाद यदि किसान ने भूमि खरीदी हो, तो कुछ राज्यों में पाँच वर्षों के लिए लाभ निषिद्ध हो सकता है।

  • यदि किसान सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता, पेंशनर हैं या परिवार में एक और सदस्य पहले से योजना का लाभ ले रहा हो तो कुछ मामलों में राशि रोक दी जाती है।

इस तरह, यदि आपकी सभी जानकारी ठीक-ठाक है और आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी हुई है, तो 21वीं किस्त का फायदा आप ले सकते हैं।

कैसे चेक करें कि आपका नाम लाभार्थियों की सूची में है या पैसा आया है?

इस प्रक्रिया को जानना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार किसानों को लगता है पैसे आ गए होंगे लेकिन बैंक खाता या पोर्टल पर अपडेट न होने की वजह से उन्हें दिखाई नहीं देता। नीचे उसके तरीके दिए जा रहे हैं, पर हम इसे सामान्य भाषा में चर्चा करेंगे।

सबसे पहले आपको Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाना होगा और वहाँ “Farmers Corner” सेक्शन में जाना होगा। वहाँ आप “Beneficiary Status” विकल्प चुनें। फिर आपने अपना आधार संख्या (Aadhaar Number) या बैंक खाता संख्या या मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। उसके बाद “Get Data” पर क्लिक करने से आपको ये पता चलेगा कि आपकी किस्त की राशि भेजी गई है या नहीं, किस दिन भेजी गई है तथा किस किस्त की है।

यदि वहां पे “Payment Success” या “उक्त किस्त का भुगतान हो चुका है” जैसा संदेश दिखे, तो समझ जाएँ कि राशि आपके खाते में जाने वाली है या पहले ही गई है। यदि “Processing” या “Hold” लिखा हो, तो इसका मतलब है कि आपका विवरण अधूरा है या किसी कारण से भुगतान रोका गया है। इस स्थिति में बैंक शाखा, जिले का कृषि कार्यालय या सीएससी (Common Service Centre) से संपर्क करके अपनी जानकारी सही कर सकते हैं।

Disclaimer: यह जानकारी विभिन्न सरकारी वेबसाइटों, खबरों तथा इंटरनेट स्रोतों से एकत्र की गई है। यह केवल जागरूकता के उद्देश्य से है।

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