कृषि-क्षेत्र में लगे छोटे तथा सीमांत किसानों के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana (PM-Kisan) को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। अगर आप किसान हैं, या आपके परिवार में खेती से जुड़ा कोई सदस्य है, तो “PM Kisan Beneficiary List” के अंतर्गत यह जानना जरूरी है कि ₹6,000 वार्षिक सहायता किसे मिलेगी और क्या आपका नाम लिस्ट में है या नहीं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि इस योजना में किन किसानों को शामिल किया गया है, eligibility क्या-क्या हैं, exclusion यानी किन किसानों को लाभ नहीं मिलेगा, और beneficiary list में अपना नाम कैसे देखें। साथ ही English में इस क्षेत्र से जुड़े कुछ keywords जैसे “beneficiary status”, “installment release”, “direct benefit transfer (DBT)” आदि भी शामिल होंगे ताकि जानकारी इंटरनेट खोज के अनुरूप भी रहे।
PM Kisan योजना क्या है?
PM-Kisan योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक कृषि-सहायता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता देना है। इसके अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की राशि दी जाती है, जिसे तीन किस्तों में दिया जाता है (प्रत्येक लगभग ₹2,000) ताकि खेती से जुड़े खर्चों और जीवन-निर्वाह में कुछ राहत मिले। यह राशि सीधे बैंक खाते में “direct benefit transfer (DBT)” के माध्यम से ट्रांसफर होती है, जिससे बिचौलिए कम हों और प्रक्रिया पारदर्शी बने।
इस योजना को लाभ-उपार्जन-योग्य किसान परिवारों की पहचान और उनके बैंक-आधार-जमीन रिकॉर्ड्स के आधार पर लाभार्थी सूची (beneficiary list) के माध्यम से लागू किया जाता है।
कौन-कौन किसान इस सूची में शामिल होंगे?
जब हम बात कर रहे हैं “PM Kisan Beneficiary List” की, तो यह समझना आवश्यक है कि केवल योग्य किसानों को ही लाभ मिलेगा। यहाँ “योग्यता (eligibility)” और “बहिष्करण (exclusion)” दोनों का असर दिखता है।
योग्यता
किसान परिवार में जमीन होना चाहिए, और खेती-किसानी में लगे होना चाहिए। आधार (Aadhaar) संख्या बैंक खाते से लिंक होनी चाहिए, जमीन का रिकॉर्ड सही होना चाहिए तथा e-KYC प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
बहिष्करण
लेकिन योजना में कुछ ऐसे किसान परिवार हैं जिन्हें शामिल नहीं किया गया है। उदाहरण के तौर पर, संस्थागत भूमि धारक (institutional land-holders), उस परिवार में यदि कोई सदस्य संवैधानिक पद पर रहा हो, या वर्तमान/पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद, राज्य/केन्द्रीय सरकारी कर्मचारी (सामान्य श्रेणी) हों, तो वे इस योजना के दायरे में नहीं आते। इसके अलावा यदि किसान परिवार पिछले assessment वर्ष में आयकरदाता हो, तो भी लाभ नहीं मिल सकता।
इसलिए यह कहना उचित होगा कि “सिर्फ इन किसानों को मिलेंगे ₹6,000” का मतलब यह है कि सिर्फ वे किसान जिनकी पात्रता पूर्ण है, उनका नाम beneficiary list में होगा और उन्हें लाभ मिलेगा।
क्यों और कैसे नाम नहीं आता या कट जाता है?
कई किसान इस सोच में रहते हैं कि उन्होंने आवेदन किया है पर नाम लिस्ट में नहीं दिखता या मासिक किस्त बैंक खाते में नहीं आती। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
पहला कारण यह कि किसान ने अपनी e-KYC पूरी नहीं की हो, या आधार-खाता लिंक नहीं हुआ हो। ऐसे में “installment release” में देरी होती है। दूसरे कारण यह कि किसान की जमीन रिकॉर्ड में समस्या हो सकती है- जैसे कि जमीन कृषि योग्य न हो या उसका रुख गलत हो, अथवा उसमें सरकारी कर्मचारी या आयकरदाता का सदस्य हो। तीसरा कारण यह कि राज्य सरकार या जिला स्तर पर नामांकन प्रक्रिया में त्रुटि हो सकती है और नाम beneficiary list में शामिल नहीं हुआ हो।
जब सरकार इस तरह की irregularities और फर्जी एंट्रीज पकड़ती है, तो उन किसानों को लाभ से बाहर किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पिछले वित्त वर्ष में ऐसे किसानों से राशि वसूलने की प्रक्रिया भी हुई है।
अपना नाम beneficiary list में कैसे देखें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि “PM Kisan Beneficiary List” में आपका नाम है या नहीं, तो यह प्रक्रिया अपनाएं- पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ और “Farmers Corner” सेक्शन खोजें। वहाँ ‘Beneficiary List’ या ‘Beneficiary Status’ का विकल्प मिलेगा। आपको अपने राज्य-जिला-ब्लॉक-गाँव का चयन करना होगा, और आधार संख्या, पंजीकरण संख्या या मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ सकता है।
जब आप सही विवरण दर्ज करेंगे तो स्क्रीन पर एक रिपोर्ट दिखाई देगी जिसमें नाम, पिता/ पति का नाम, गांव-ब्लॉक-जिला का विवरण और किस्तों का विवरण होगा। यदि आपका नाम नहीं दिखता, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि नामांकन अभी नहीं हुआ है, या जानकारी में त्रुटि है, या बहिष्करण के कारण नाम बाहर कर दिया गया है।
यदि आपने नामांकन किया है और फिर भी नाम नहीं है, तो आप जिला-स्तर की शिकायत या पँचायत-संपर्क कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
Disclaimer: यह जानकारी सरकारी साइट्स, समाचार एवं इंटरनेट स्रोतों से संकलित की गयी है। यह सिर्फ जागरूकता के उद्देश्य से है।